सोमवार, 7 दिसंबर 2009

सबूत .....

रस्मो रिवाज निभाने की खातिर
या एक झूठे बहाने की खातिर
बात कुछ भी हो अब सफाई न  दे....

अब कहने पे भी भरोसा करेगा कौन
जो बुरा हो चुका उसको अच्छा कहेगा कौन
ऐसी बेगुनाही की अब दुहाई न दे......

2 टिप्‍पणियां:

MITHUN ROY ने कहा…

Bhai Laage raho ........ Aacha laga ..... sach mein aacha laga

Shahid Ansari ने कहा…

aree dada...dil khush kar diya tumne toh...